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त्योहार

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2027 के हिंदू त्योहार और व्रत

Delhi के लिए वर्ष का हर त्योहार — हर एक की तारीख़ दिन के उस भाग से तय, जिसमें उसकी तिथि होनी चाहिए, तिथि के समय और हर तारीख़ के कारण के साथ।

Delhi, India के लिए तारीख़ें।

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2027 के मासिक व्रत

जनवरी 2027

  1. मकर संक्रांति · पोंगल

    सूर्य 21:10 पर, सूर्यास्त के बाद, मकर में प्रवेश करता है, इसलिए मकर संक्रांति अगले दिन है।

  2. सकट चौथ

    कृष्ण चतुर्थी: 25 जन॰, 08:10 से 26 जन॰, 06:00 तक

    इस दिन चंद्रोदय के समय कृष्ण चतुर्थी है।

फ़रवरी 2027

  1. मौनी अमावस्या

    अमावस्या: 5 फ़र॰, 19:05 से 6 फ़र॰, 21:26 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय अमावस्या है।

  2. सूर्य ग्रहण · वलयाकार सूर्य ग्रहण

    वलयाकार सूर्य ग्रहण, सबसे अधिक 21:29 पर। यह यहाँ से नहीं दिखेगा, इसलिए इसे माना नहीं जाता और सूतक नहीं लगता।

  3. वसंत पंचमी · सरस्वती पूजा

    शुक्ल पंचमी: 11 फ़र॰, 03:05 से 12 फ़र॰, 03:18 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल पंचमी है।

  4. रथ सप्तमी

    शुक्ल सप्तमी: 13 फ़र॰, 02:59 से 14 फ़र॰, 02:07 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल सप्तमी है।

  5. कुंभ संक्रांति

    इस दिन 10:09 पर सूर्य कुंभ में प्रवेश करता है।

  6. भीष्म अष्टमी

    शुक्ल अष्टमी: 14 फ़र॰, 02:07 से 15 फ़र॰, 00:41 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल अष्टमी है।

  7. चंद्र ग्रहण · उपच्छाया चंद्र ग्रहण

    उपच्छाया चंद्र ग्रहण, 02:42 से 06:43 तक। चंद्रमा केवल पृथ्वी की बाहरी छाया में हल्का धुंधला होता है, जो आँखों से नहीं दिखता, इसलिए इसे माना नहीं जाता और सूतक नहीं लगता।

मार्च 2027

  1. महाशिवरात्रि

    कृष्ण चतुर्दशी: 6 मार्च, 12:04 से 7 मार्च, 13:46 तक

    इस दिन निशीथ काल (मध्यरात्रि) में कृष्ण चतुर्दशी है।

  2. मीन संक्रांति

    इस दिन 07:00 पर सूर्य मीन में प्रवेश करता है।

  3. होलिका दहन · छोटी होली

    पूर्णिमा: 21 मार्च, 18:22 से 22 मार्च, 16:13 तक

    इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में पूर्णिमा है।

  4. होली

    होलिका दहन के अगले दिन।

  5. शीतला अष्टमी · बसौड़ा

    कृष्ण अष्टमी: 29 मार्च, 17:11 से 30 मार्च, 19:40 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय कृष्ण अष्टमी है।

अप्रैल 2027

  1. चैत्र नवरात्रि आरंभ · गुड़ी पड़वा · उगादि

    शुक्ल प्रतिपदा: 7 अप्रैल, 05:21 से 8 अप्रैल, 04:29 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल प्रतिपदा है।

  2. गणगौर

    शुक्ल तृतीया: 9 अप्रैल, 03:10 से 10 अप्रैल, 01:32 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल तृतीया है।

  3. यमुना छठ

    शुक्ल षष्ठी: 11 अप्रैल, 21:40 से 12 अप्रैल, 19:35 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल षष्ठी है।

  4. मेष संक्रांति · सौर नव वर्ष

    इस दिन 15:28 पर सूर्य मेष में प्रवेश करता है।

  5. राम नवमी

    शुक्ल नवमी: 14 अप्रैल, 15:24 से 15 अप्रैल, 13:21 तक

    इस दिन पूर्वाह्न में शुक्ल नवमी है।

  6. हनुमान जयंती

    पूर्णिमा: 20 अप्रैल, 04:51 से 21 अप्रैल, 03:57 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा है।

मई 2027

  1. परशुराम जयंती

    शुक्ल तृतीया: 8 मई, 11:43 से 9 मई, 09:03 तक

    इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में शुक्ल तृतीया है।

  2. अक्षय तृतीया

    शुक्ल तृतीया: 8 मई, 11:43 से 9 मई, 09:03 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल तृतीया है और उसके बाद कम से कम तीन मुहूर्त रहती है।

  3. गंगा सप्तमी

    शुक्ल सप्तमी: 12 मई, 01:24 से 12 मई, 23:13 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल सप्तमी है।

  4. सीता नवमी

    शुक्ल नवमी: 13 मई, 21:18 से 14 मई, 19:39 तक

    इस दिन मध्याह्न में शुक्ल नवमी है।

  5. वृषभ संक्रांति

    इस दिन 12:19 पर सूर्य वृषभ में प्रवेश करता है।

  6. नृसिंह जयंती

    शुक्ल चतुर्दशी: 18 मई, 16:04 से 19 मई, 16:03 तक

    इस दिन सूर्यास्त के समय शुक्ल चतुर्दशी है।

  7. बुद्ध पूर्णिमा

    पूर्णिमा: 19 मई, 16:03 से 20 मई, 16:29 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा है।

  8. नारद जयंती

    कृष्ण प्रतिपदा: 20 मई, 16:29 से 21 मई, 17:23 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय कृष्ण प्रतिपदा है।

जून 2027

  1. वट सावित्री व्रत · शनि जयंती

    अमावस्या: 4 जून, 04:05 से 5 जून, 01:10 तक

    इस दिन पूर्वाह्न में अमावस्या है।

  2. गंगा दशहरा

    शुक्ल दशमी: 13 जून, 02:44 से 14 जून, 02:12 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल दशमी है और उसके बाद कम से कम तीन मुहूर्त रहती है।

  3. मिथुन संक्रांति

    इस दिन 18:55 पर सूर्य मिथुन में प्रवेश करता है।

  4. वट पूर्णिमा व्रत

    पूर्णिमा: 18 जून, 04:35 से 19 जून, 06:14 तक

    पूर्णिमा दो दिन सूर्योदय के समय है; पहला दिन लिया जाता है।

जुलाई 2027

  1. जगन्नाथ रथ यात्रा

    शुक्ल द्वितीया: 5 जुल॰, 04:51 से 6 जुल॰, 01:14 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल द्वितीया है।

  2. कर्क संक्रांति

    इस दिन 05:48 पर सूर्य कर्क में प्रवेश करता है।

  3. गुरु पूर्णिमा

    पूर्णिमा: 17 जुल॰, 18:48 से 18 जुल॰, 21:14 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा है।

अगस्त 2027

  1. सूर्य ग्रहण · पूर्ण सूर्य ग्रहण

    पूर्ण सूर्य ग्रहण (यहाँ से आंशिक), यहाँ 15:53 से 17:02 तक दिखेगा, सूर्य का अधिकतम 8% भाग ढका हुआ। सूतक 03:08 से; बच्चों, वृद्धों और रोगियों के लिए 12:31 से।

  2. हरियाली तीज

    शुक्ल तृतीया: 4 अग॰, 08:20 से 5 अग॰, 05:09 तक

    इस बार शुक्ल तृतीया किसी भी दिन सूर्योदय के समय नहीं है, इसलिए जिस दिन यह आरंभ होती है उसी दिन मनाया जाता है।

  3. नाग पंचमी

    शुक्ल पंचमी: 6 अग॰, 02:27 से 7 अग॰, 00:23 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल पंचमी है।

  4. वरलक्ष्मी व्रत

    श्रावण पूर्णिमा के दिन या उससे पहले का शुक्रवार।

  5. रक्षा बंधन

    पूर्णिमा: 16 अग॰, 10:29 से 17 अग॰, 12:58 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा है और उसके बाद कम से कम तीन मुहूर्त रहती है।

  6. चंद्र ग्रहण · उपच्छाया चंद्र ग्रहण

    उपच्छाया चंद्र ग्रहण, सबसे अधिक 12:43 पर। यह यहाँ से नहीं दिखेगा, इसलिए इसे माना नहीं जाता और सूतक नहीं लगता।

  7. सिंह संक्रांति

    इस दिन 14:13 पर सूर्य सिंह में प्रवेश करता है।

  8. कजरी तीज

    कृष्ण तृतीया: 19 अग॰, 17:16 से 20 अग॰, 18:53 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय कृष्ण तृतीया है।

  9. कृष्ण जन्माष्टमी

    कृष्ण अष्टमी: 24 अग॰, 20:25 से 25 अग॰, 19:20 तक

    इस दिन अष्टमी है और निशीथ काल (मध्यरात्रि) में रोहिणी नक्षत्र; स्मार्त नियम इसे पिछली मध्यरात्रि की केवल अष्टमी से श्रेष्ठ मानता है।

सितंबर 2027

  1. हरतालिका तीज

    शुक्ल तृतीया: 2 सित॰, 16:50 से 3 सित॰, 14:19 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल तृतीया है।

  2. गणेश चतुर्थी

    शुक्ल चतुर्थी: 3 सित॰, 14:19 से 4 सित॰, 12:26 तक

    इस दिन मध्याह्न में शुक्ल चतुर्थी है।

  3. ऋषि पंचमी

    शुक्ल पंचमी: 4 सित॰, 12:26 से 5 सित॰, 11:17 तक

    शुक्ल पंचमी दो दिन मध्याह्न में है; पहला दिन लिया जाता है।

  4. राधा अष्टमी

    शुक्ल अष्टमी: 7 सित॰, 11:28 से 8 सित॰, 12:44 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल अष्टमी है।

  5. अनंत चतुर्दशी · गणेश विसर्जन

    शुक्ल चतुर्दशी: 14 सित॰, 00:40 से 15 सित॰, 02:48 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल चतुर्दशी है।

  6. पितृ पक्ष आरंभ

    कृष्ण प्रतिपदा: 16 सित॰, 04:33 से 17 सित॰, 05:52 तक

    इस दिन अपराह्न में कृष्ण प्रतिपदा है।

  7. कन्या संक्रांति · विश्वकर्मा पूजा

    इस दिन 14:10 पर सूर्य कन्या में प्रवेश करता है।

  8. सर्व पितृ अमावस्या

    अमावस्या: 29 सित॰, 10:55 से 30 सित॰, 08:06 तक

    इस दिन अपराह्न में अमावस्या है।

  9. शारदीय नवरात्रि आरंभ

    शुक्ल प्रतिपदा: 30 सित॰, 08:06 से 1 अक्टू॰, 05:35 तक

    इस बार शुक्ल प्रतिपदा किसी भी दिन सूर्योदय के समय नहीं है, इसलिए जिस दिन यह आरंभ होती है उसी दिन मनाया जाता है।

अक्टूबर 2027

  1. दुर्गा अष्टमी

    शुक्ल अष्टमी: 7 अक्टू॰, 04:13 से 8 अक्टू॰, 06:28 तक

    शुक्ल अष्टमी दो दिन सूर्योदय के समय है; पहला दिन लिया जाता है।

  2. महानवमी

    शुक्ल नवमी: 8 अक्टू॰, 06:28 से 9 अक्टू॰, 09:02 तक

    इस दिन मध्याह्न में शुक्ल नवमी है।

  3. दशहरा · विजयादशमी

    शुक्ल दशमी: 9 अक्टू॰, 09:02 से 10 अक्टू॰, 11:41 तक

    इस दिन अपराह्न में शुक्ल दशमी है।

  4. शरद पूर्णिमा · कोजागरी पूजा

    पूर्णिमा: 14 अक्टू॰, 18:49 से 15 अक्टू॰, 19:17 तक

    पूर्णिमा दो दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में है; पहला दिन लिया जाता है।

  5. करवा चौथ

    कृष्ण चतुर्थी: 18 अक्टू॰, 17:52 से 19 अक्टू॰, 16:42 तक

    इस दिन चंद्रोदय के समय कृष्ण चतुर्थी है।

  6. तुला संक्रांति

    इस दिन 02:08 पर सूर्य तुला में प्रवेश करता है।

  7. अहोई अष्टमी

    कृष्ण अष्टमी: 22 अक्टू॰, 11:56 से 23 अक्टू॰, 09:59 तक

    इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण अष्टमी है।

  8. गोवत्स द्वादशी

    कृष्ण द्वादशी: 26 अक्टू॰, 03:22 से 27 अक्टू॰, 01:04 तक

    इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण द्वादशी है।

  9. धनतेरस

    कृष्ण त्रयोदशी: 27 अक्टू॰, 01:04 से 27 अक्टू॰, 22:50 तक

    इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण त्रयोदशी है।

  10. काली चौदस

    कृष्ण चतुर्दशी: 27 अक्टू॰, 22:50 से 28 अक्टू॰, 20:48 तक

    इस दिन निशीथ काल (मध्यरात्रि) में कृष्ण चतुर्दशी है।

  11. नरक चतुर्दशी · छोटी दीवाली

    कृष्ण चतुर्दशी: 27 अक्टू॰, 22:50 से 28 अक्टू॰, 20:48 तक

    इस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से पहले) के समय कृष्ण चतुर्दशी है।

  12. दीवाली · लक्ष्मी पूजा

    अमावस्या: 28 अक्टू॰, 20:48 से 29 अक्टू॰, 19:06 तक

    इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में अमावस्या है।

  13. गोवर्धन पूजा

    शुक्ल प्रतिपदा: 29 अक्टू॰, 19:06 से 30 अक्टू॰, 17:52 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल प्रतिपदा है।

  14. भाई दूज

    शुक्ल द्वितीया: 30 अक्टू॰, 17:52 से 31 अक्टू॰, 17:13 तक

    इस दिन अपराह्न में शुक्ल द्वितीया है।

नवंबर 2027

  1. छठ पूजा

    शुक्ल षष्ठी: 3 नव॰, 19:32 से 4 नव॰, 21:38 तक

    इस दिन सूर्यास्त के समय शुक्ल षष्ठी है।

  2. कंस वध

    शुक्ल दशमी: 8 नव॰, 05:24 से 9 नव॰, 07:35 तक

    शुक्ल दशमी दो दिन सूर्योदय के समय है; पहला दिन लिया जाता है।

  3. तुलसी विवाह

    शुक्ल द्वादशी: 10 नव॰, 09:11 से 11 नव॰, 10:07 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल द्वादशी है।

  4. कार्तिक पूर्णिमा

    पूर्णिमा: 13 नव॰, 09:55 से 14 नव॰, 08:55 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा है।

  5. वृश्चिक संक्रांति

    इस दिन 01:58 पर सूर्य वृश्चिक में प्रवेश करता है।

  6. कालभैरव जयंती

    कृष्ण अष्टमी: 20 नव॰, 19:17 से 21 नव॰, 17:20 तक

    इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण अष्टमी है।

दिसंबर 2027

  1. विवाह पंचमी

    शुक्ल पंचमी: 2 दिस॰, 13:44 से 3 दिस॰, 16:13 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल पंचमी है।

  2. गीता जयंती

    शुक्ल एकादशी: 9 दिस॰, 02:59 से 10 दिस॰, 03:20 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल एकादशी है।

  3. दत्तात्रेय जयंती

    पूर्णिमा: 12 दिस॰, 23:55 से 13 दिस॰, 21:38 तक

    इस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा है।

  4. धनु संक्रांति

    इस दिन 16:38 पर सूर्य धनु में प्रवेश करता है।

तारीख़ें कैसे तय होती हैं

त्योहारों की तिथियाँ उन्हीं नियमों से निकलती हैं जिनसे द्रिक पंचांग निकालता है, और नई दिल्ली के लिए उसके कैलेंडर से जाँची गई हैं: 2026 और 2027 का हर त्योहार और व्रत, और 2021 से 2031 तक हर वर्ष के बारह प्रमुख त्योहार। जहाँ कोई त्योहार दो दिन पड़ सकता है, उसके साथ छपा कारण ही वह नियम है जिसने निर्णय किया। जो क्षेत्रीय कैलेंडर महीने अलग ढंग से गिनते हैं या वैष्णव पद्धति मानते हैं, वे कुछ पर्व दूसरे दिन रख सकते हैं।

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