त्योहार
Read in Englishगोवत्स द्वादशी 2027
गोवत्स द्वादशी उस तिथि पर, और दिन के उस भाग में, मनाया जाता है जो उसकी परंपरा बताती है। यहाँ दी गई तारीख़ वह दिन है जिस दिन इस वर्ष वह तिथि दिन के उस भाग में है।
कृष्ण द्वादशी: 26 अक्टू॰, 03:22 से 27 अक्टू॰, 01:04 तक
इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण द्वादशी है।
आने वाले वर्षों में गोवत्स द्वादशी
| वर्ष | तारीख़ | तिथि |
|---|---|---|
| 2026 | गुरुवार, 5 नवंबर | कृष्ण द्वादशी: 5 नव॰, 10:36 से 6 नव॰, 10:31 तक |
| 2027 | मंगलवार, 26 अक्टूबर | कृष्ण द्वादशी: 26 अक्टू॰, 03:22 से 27 अक्टू॰, 01:04 तक |
| 2028 | रविवार, 15 अक्टूबर | कृष्ण द्वादशी: 14 अक्टू॰, 22:29 से 15 अक्टू॰, 19:17 तक |
| 2029 | शनिवार, 3 नवंबर | कृष्ण द्वादशी: 2 नव॰, 23:58 से 3 नव॰, 20:58 तक |
| 2030 | बुधवार, 23 अक्टूबर | कृष्ण द्वादशी: 23 अक्टू॰, 10:20 से 24 अक्टू॰, 09:06 तक |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में गोवत्स द्वादशी कब है?
Delhi में गोवत्स द्वादशी 2027 मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027 को है। इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण द्वादशी है।
कुछ कैलेंडर गोवत्स द्वादशी की अलग तारीख़ क्यों देते हैं?
क्योंकि गोवत्स द्वादशी तिथि से तय होता है, और तिथि किसी भी समय आरंभ और समाप्त होती है, इसलिए प्रायः दो दिनों को छूती है। हर पर्व बताता है कि उसकी तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए, और जब तिथि दो दिन उस भाग में हो, या किसी भी दिन नहीं, तो शास्त्रीय नियम निर्णय करता है। जो कैलेंडर महीना पूर्णिमा से गिनते हैं या वैष्णव पद्धति मानते हैं, वे इसे एक दिन आगे-पीछे रख सकते हैं। यहाँ की तारीख़ें उन्हीं नियमों से हैं जिनसे द्रिक पंचांग चलता है, और हर तारीख़ बताती है कि कौन सा नियम लगा।
क्या गोवत्स द्वादशी हर शहर में एक ही दिन होता है?
प्रायः हाँ, पर हमेशा नहीं। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर जगह अलग होते हैं, इसलिए इनमें से किसी क्षण के पास बदलने वाली तिथि अलग-अलग शहरों में अलग दिन पड़ सकती है। यहाँ की तारीख़ें Delhi के लिए हैं; दूसरे शहर की तारीख़ें देखने के लिए ऊपर शहर बदलें।