त्योहार
Read in English2025 के हिंदू त्योहार और व्रत
Delhi के लिए वर्ष का हर त्योहार — हर एक की तारीख़ दिन के उस भाग से तय, जिसमें उसकी तिथि होनी चाहिए, तिथि के समय और हर तारीख़ के कारण के साथ।
2025 के मासिक व्रत
जनवरी 2025
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मकर संक्रांति · पोंगल
इस दिन 08:55 पर सूर्य मकर में प्रवेश करता है।
फ़रवरी 2025
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वसंत पंचमी · सरस्वती पूजा
शुक्ल पंचमी: 2 फ़र॰, 09:14 से 3 फ़र॰, 06:53 तक
इस बार शुक्ल पंचमी किसी भी दिन सूर्योदय के समय नहीं है, इसलिए जिस दिन यह आरंभ होती है उसी दिन मनाया जाता है।
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कुंभ संक्रांति
इस दिन 21:56 पर सूर्य कुंभ में प्रवेश करता है।
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कृष्ण चतुर्दशी: 26 फ़र॰, 11:08 से 27 फ़र॰, 08:55 तक
इस दिन निशीथ काल (मध्यरात्रि) में कृष्ण चतुर्दशी है।
मार्च 2025
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होलिका दहन · छोटी होली
पूर्णिमा: 13 मार्च, 10:36 से 14 मार्च, 12:24 तक
इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में पूर्णिमा है।
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होलिका दहन के अगले दिन।
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चंद्र ग्रहण · पूर्ण चंद्र ग्रहण
पूर्ण चंद्र ग्रहण, सबसे अधिक 12:28 पर। यह यहाँ से नहीं दिखेगा, इसलिए इसे माना नहीं जाता और सूतक नहीं लगता।
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मीन संक्रांति
इस दिन 18:50 पर सूर्य मीन में प्रवेश करता है।
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शीतला अष्टमी · बसौड़ा
कृष्ण अष्टमी: 22 मार्च, 04:24 से 23 मार्च, 05:23 तक
इस दिन सूर्योदय के समय कृष्ण अष्टमी है।
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सूर्य ग्रहण · आंशिक सूर्य ग्रहण
आंशिक सूर्य ग्रहण, सबसे अधिक 16:17 पर। यह यहाँ से नहीं दिखेगा, इसलिए इसे माना नहीं जाता और सूतक नहीं लगता।
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चैत्र नवरात्रि आरंभ · गुड़ी पड़वा · उगादि
शुक्ल प्रतिपदा: 29 मार्च, 16:27 से 30 मार्च, 12:49 तक
इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल प्रतिपदा है।
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शुक्ल तृतीया: 31 मार्च, 09:11 से 1 अप्रैल, 05:42 तक
इस बार शुक्ल तृतीया किसी भी दिन सूर्योदय के समय नहीं है, इसलिए जिस दिन यह आरंभ होती है उसी दिन मनाया जाता है।
अप्रैल 2025
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मेष संक्रांति · सौर नव वर्ष
इस दिन 03:21 पर सूर्य मेष में प्रवेश करता है।
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शुक्ल तृतीया: 29 अप्रैल, 17:31 से 30 अप्रैल, 14:12 तक
इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में शुक्ल तृतीया है।
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शुक्ल तृतीया: 29 अप्रैल, 17:31 से 30 अप्रैल, 14:12 तक
इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल तृतीया है और उसके बाद कम से कम तीन मुहूर्त रहती है।
मई 2025
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शुक्ल चतुर्दशी: 10 मई, 17:30 से 11 मई, 20:02 तक
शुक्ल चतुर्दशी दो दिन सूर्यास्त के समय है; दूसरा दिन लिया जाता है।
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वृषभ संक्रांति
इस दिन 00:12 पर सूर्य वृषभ में प्रवेश करता है।
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वट सावित्री व्रत · शनि जयंती
अमावस्या: 26 मई, 12:12 से 27 मई, 08:32 तक
अमावस्या दो दिन पूर्वाह्न में है; पहला दिन लिया जाता है।
जून 2025
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शुक्ल दशमी: 4 जून, 23:54 से 6 जून, 02:16 तक
इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल दशमी है और उसके बाद कम से कम तीन मुहूर्त रहती है।
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मिथुन संक्रांति
इस दिन 06:44 पर सूर्य मिथुन में प्रवेश करता है।
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शुक्ल द्वितीया: 26 जून, 13:25 से 27 जून, 11:19 तक
इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल द्वितीया है।
जुलाई 2025
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कर्क संक्रांति
इस दिन 17:32 पर सूर्य कर्क में प्रवेश करता है।
अगस्त 2025
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श्रावण पूर्णिमा के दिन या उससे पहले का शुक्रवार।
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पूर्णिमा: 8 अग॰, 14:12 से 9 अग॰, 13:25 तक
इस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा है और उसके बाद कम से कम तीन मुहूर्त रहती है।
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कृष्ण अष्टमी: 15 अग॰, 23:50 से 16 अग॰, 21:35 तक
इस दिन निशीथ काल (मध्यरात्रि) में अष्टमी है।
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सिंह संक्रांति
इस दिन 01:52 पर सूर्य सिंह में प्रवेश करता है।
सितंबर 2025
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अनंत चतुर्दशी · गणेश विसर्जन
शुक्ल चतुर्दशी: 6 सित॰, 03:13 से 7 सित॰, 01:41 तक
इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल चतुर्दशी है।
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चंद्र ग्रहण · पूर्ण चंद्र ग्रहण
पूर्ण चंद्र ग्रहण, यहाँ 21:57 से 01:26 (8 सित॰) तक दिखेगा। सूतक 12:51 से; बच्चों, वृद्धों और रोगियों के लिए 19:05 से।
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कृष्ण प्रतिपदा: 7 सित॰, 23:38 से 8 सित॰, 21:12 तक
इस दिन अपराह्न में कृष्ण प्रतिपदा है।
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कन्या संक्रांति · विश्वकर्मा पूजा
इस दिन 01:47 पर सूर्य कन्या में प्रवेश करता है।
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शुक्ल प्रतिपदा: 22 सित॰, 01:24 से 23 सित॰, 02:56 तक
इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल प्रतिपदा है।
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सूर्य ग्रहण · आंशिक सूर्य ग्रहण
आंशिक सूर्य ग्रहण, सबसे अधिक 01:11 पर। यह यहाँ से नहीं दिखेगा, इसलिए इसे माना नहीं जाता और सूतक नहीं लगता।
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शुक्ल अष्टमी: 29 सित॰, 16:32 से 30 सित॰, 18:06 तक
इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल अष्टमी है।
अक्टूबर 2025
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शरद पूर्णिमा · कोजागरी पूजा
पूर्णिमा: 6 अक्टू॰, 12:24 से 7 अक्टू॰, 09:17 तक
इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में पूर्णिमा है।
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कृष्ण चतुर्थी: 9 अक्टू॰, 22:54 से 10 अक्टू॰, 19:39 तक
इस बार कृष्ण चतुर्थी किसी भी दिन चंद्रोदय के समय नहीं है, इसलिए जिस दिन यह समाप्त होती है उसी दिन मनाया जाता है।
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कृष्ण अष्टमी: 13 अक्टू॰, 12:24 से 14 अक्टू॰, 11:10 तक
इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण अष्टमी है।
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कृष्ण द्वादशी: 17 अक्टू॰, 11:12 से 18 अक्टू॰, 12:19 तक
इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण द्वादशी है।
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तुला संक्रांति
इस दिन 13:46 पर सूर्य तुला में प्रवेश करता है।
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कृष्ण त्रयोदशी: 18 अक्टू॰, 12:19 से 19 अक्टू॰, 13:52 तक
इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण त्रयोदशी है।
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कृष्ण चतुर्दशी: 19 अक्टू॰, 13:52 से 20 अक्टू॰, 15:45 तक
इस दिन निशीथ काल (मध्यरात्रि) में कृष्ण चतुर्दशी है।
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दीवाली · लक्ष्मी पूजा
अमावस्या: 20 अक्टू॰, 15:45 से 21 अक्टू॰, 17:55 तक
अमावस्या दो दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में है, इस दिन अधिक समय तक।
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नरक चतुर्दशी · छोटी दीवाली
कृष्ण चतुर्दशी: 19 अक्टू॰, 13:52 से 20 अक्टू॰, 15:45 तक
इस दिन अरुणोदय (सूर्योदय से पहले) के समय कृष्ण चतुर्दशी है।
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शुक्ल प्रतिपदा: 21 अक्टू॰, 17:55 से 22 अक्टू॰, 20:17 तक
इस दिन सूर्योदय के समय शुक्ल प्रतिपदा है।
नवंबर 2025
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शुक्ल द्वादशी: 2 नव॰, 07:32 से 3 नव॰, 05:07 तक
इस बार शुक्ल द्वादशी किसी भी दिन सूर्योदय के समय नहीं है, इसलिए जिस दिन यह आरंभ होती है उसी दिन मनाया जाता है।
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कृष्ण अष्टमी: 11 नव॰, 23:09 से 12 नव॰, 22:58 तक
इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण अष्टमी है।
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वृश्चिक संक्रांति
इस दिन 13:37 पर सूर्य वृश्चिक में प्रवेश करता है।
दिसंबर 2025
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पूर्णिमा: 4 दिस॰, 08:38 से 5 दिस॰, 04:44 तक
इस बार पूर्णिमा किसी भी दिन सूर्योदय के समय नहीं है, इसलिए जिस दिन यह आरंभ होती है उसी दिन मनाया जाता है।
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धनु संक्रांति
इस दिन 04:20 पर सूर्य धनु में प्रवेश करता है।
तारीख़ें कैसे तय होती हैं
त्योहारों की तिथियाँ उन्हीं नियमों से निकलती हैं जिनसे द्रिक पंचांग निकालता है, और नई दिल्ली के लिए उसके कैलेंडर से जाँची गई हैं: 2026 और 2027 का हर त्योहार और व्रत, और 2021 से 2031 तक हर वर्ष के बारह प्रमुख त्योहार। जहाँ कोई त्योहार दो दिन पड़ सकता है, उसके साथ छपा कारण ही वह नियम है जिसने निर्णय किया। जो क्षेत्रीय कैलेंडर महीने अलग ढंग से गिनते हैं या वैष्णव पद्धति मानते हैं, वे कुछ पर्व दूसरे दिन रख सकते हैं।