त्योहार
Read in Englishकृष्ण जन्माष्टमी 2027
कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि, रोहिणी नक्षत्र में, श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव है।
कृष्ण अष्टमी: 24 अग॰, 20:25 से 25 अग॰, 19:20 तक
इस दिन अष्टमी है और निशीथ काल (मध्यरात्रि) में रोहिणी नक्षत्र; स्मार्त नियम इसे पिछली मध्यरात्रि की केवल अष्टमी से श्रेष्ठ मानता है।
आने वाले वर्षों में कृष्ण जन्माष्टमी
| वर्ष | तारीख़ | तिथि |
|---|---|---|
| 2026 | शुक्रवार, 4 सितंबर | कृष्ण अष्टमी: 4 सित॰, 02:25 से 5 सित॰, 00:14 तक |
| 2027 | बुधवार, 25 अगस्त | कृष्ण अष्टमी: 24 अग॰, 20:25 से 25 अग॰, 19:20 तक |
| 2028 | रविवार, 13 अगस्त | कृष्ण अष्टमी: 13 अग॰, 04:43 से 14 अग॰, 05:37 तक |
| 2029 | शनिवार, 1 सितंबर | कृष्ण अष्टमी: 31 अग॰, 21:01 से 1 सित॰, 22:57 तक |
| 2030 | बुधवार, 21 अगस्त | कृष्ण अष्टमी: 20 अग॰, 17:32 से 21 अग॰, 20:01 तक |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में कृष्ण जन्माष्टमी कब है?
Delhi में कृष्ण जन्माष्टमी 2027 बुधवार, 25 अगस्त 2027 को है। इस दिन अष्टमी है और निशीथ काल (मध्यरात्रि) में रोहिणी नक्षत्र; स्मार्त नियम इसे पिछली मध्यरात्रि की केवल अष्टमी से श्रेष्ठ मानता है।
कुछ कैलेंडर कृष्ण जन्माष्टमी की अलग तारीख़ क्यों देते हैं?
क्योंकि कृष्ण जन्माष्टमी तिथि से तय होता है, और तिथि किसी भी समय आरंभ और समाप्त होती है, इसलिए प्रायः दो दिनों को छूती है। हर पर्व बताता है कि उसकी तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए, और जब तिथि दो दिन उस भाग में हो, या किसी भी दिन नहीं, तो शास्त्रीय नियम निर्णय करता है। जो कैलेंडर महीना पूर्णिमा से गिनते हैं या वैष्णव पद्धति मानते हैं, वे इसे एक दिन आगे-पीछे रख सकते हैं। यहाँ की तारीख़ें उन्हीं नियमों से हैं जिनसे द्रिक पंचांग चलता है, और हर तारीख़ बताती है कि कौन सा नियम लगा।
क्या कृष्ण जन्माष्टमी हर शहर में एक ही दिन होता है?
प्रायः हाँ, पर हमेशा नहीं। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर जगह अलग होते हैं, इसलिए इनमें से किसी क्षण के पास बदलने वाली तिथि अलग-अलग शहरों में अलग दिन पड़ सकती है। यहाँ की तारीख़ें Delhi के लिए हैं; दूसरे शहर की तारीख़ें देखने के लिए ऊपर शहर बदलें।