त्योहार
Read in Englishकालभैरव जयंती 2026
कालभैरव जयंती उस तिथि पर, और दिन के उस भाग में, मनाया जाता है जो उसकी परंपरा बताती है। यहाँ दी गई तारीख़ वह दिन है जिस दिन इस वर्ष वह तिथि दिन के उस भाग में है।
कृष्ण अष्टमी: 1 दिस॰, 00:12 से 1 दिस॰, 23:14 तक
इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण अष्टमी है।
आने वाले वर्षों में कालभैरव जयंती
| वर्ष | तारीख़ | तिथि |
|---|---|---|
| 2026 | मंगलवार, 1 दिसंबर | कृष्ण अष्टमी: 1 दिस॰, 00:12 से 1 दिस॰, 23:14 तक |
| 2027 | शनिवार, 20 नवंबर | कृष्ण अष्टमी: 20 नव॰, 19:17 से 21 नव॰, 17:20 तक |
| 2028 | गुरुवार, 9 नवंबर | कृष्ण अष्टमी: 9 नव॰, 15:40 से 10 नव॰, 14:03 तक |
| 2029 | बुधवार, 28 नवंबर | कृष्ण अष्टमी: 28 नव॰, 17:44 से 29 नव॰, 16:40 तक |
| 2030 | सोमवार, 18 नवंबर | कृष्ण अष्टमी: 18 नव॰, 01:30 से 19 नव॰, 02:22 तक |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2026 में कालभैरव जयंती कब है?
Delhi में कालभैरव जयंती 2026 मंगलवार, 1 दिसंबर 2026 को है। इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में कृष्ण अष्टमी है।
कुछ कैलेंडर कालभैरव जयंती की अलग तारीख़ क्यों देते हैं?
क्योंकि कालभैरव जयंती तिथि से तय होता है, और तिथि किसी भी समय आरंभ और समाप्त होती है, इसलिए प्रायः दो दिनों को छूती है। हर पर्व बताता है कि उसकी तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए, और जब तिथि दो दिन उस भाग में हो, या किसी भी दिन नहीं, तो शास्त्रीय नियम निर्णय करता है। जो कैलेंडर महीना पूर्णिमा से गिनते हैं या वैष्णव पद्धति मानते हैं, वे इसे एक दिन आगे-पीछे रख सकते हैं। यहाँ की तारीख़ें उन्हीं नियमों से हैं जिनसे द्रिक पंचांग चलता है, और हर तारीख़ बताती है कि कौन सा नियम लगा।
क्या कालभैरव जयंती हर शहर में एक ही दिन होता है?
प्रायः हाँ, पर हमेशा नहीं। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर जगह अलग होते हैं, इसलिए इनमें से किसी क्षण के पास बदलने वाली तिथि अलग-अलग शहरों में अलग दिन पड़ सकती है। यहाँ की तारीख़ें Delhi के लिए हैं; दूसरे शहर की तारीख़ें देखने के लिए ऊपर शहर बदलें।