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विवाह मुहूर्त

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शुभ विवाह मुहूर्त 2029

Delhi के लिए 2029 की हर वह तारीख़ जो पंचांग शुद्धि पर खरी उतरती है, उसके समय के साथ। जिस महीने में कोई तारीख़ नहीं, उसके नीचे कारण लिखा है: सूर्य का महीना, चातुर्मास, या शुक्र या गुरु का अस्त होना।

Delhi, India के लिए तारीख़ें।

2029 में विवाह की 68 तारीख़ें

अगली: शनिवार, 20 जनवरी 2029, 09:11 से 07:14 (21 जन॰) तक

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जनवरी 2029 6 तारीख़ें

  1. 09:11 से 07:14 (21 जन॰) तक

    उत्तरा भाद्रपदा · रेवती · शुक्ल षष्ठी

  2. 07:14 से 00:28 (22 जन॰) तक

    रेवती · शुक्ल षष्ठी · शुक्ल सप्तमी

  3. 13:59 से 05:08 (26 जन॰) तक

    रोहिणी · शुक्ल दशमी · शुक्ल एकादशी

  4. 17:14 से 07:11 (27 जन॰) तक

    मृगशिरा · शुक्ल द्वादशी

  5. 07:11 से 09:27 तक

    मृगशिरा · शुक्ल द्वादशी

  6. 15:28 से 07:09 (1 फ़र॰) तक

    मघा · कृष्ण द्वितीया · कृष्ण तृतीया

फ़रवरी 2029 5 तारीख़ें

  1. 07:09 से 07:45 तक

    मघा · कृष्ण तृतीया

  2. 11:46 से 07:08 (3 फ़र॰) तक

    उत्तरा फाल्गुनी · हस्त · कृष्ण चतुर्थी · कृष्ण पंचमी

  3. 07:08 से 01:04 (4 फ़र॰) तक

    हस्त · कृष्ण पंचमी · कृष्ण षष्ठी

  4. 21:08 से 07:05 (7 फ़र॰) तक

    अनुराधा · कृष्ण नवमी

  5. 07:05 से 18:13 तक

    अनुराधा · कृष्ण नवमी · कृष्ण दशमी

मार्च 2029

विवाह की कोई तारीख़ नहीं: शुक्र तारा अस्त है।

अप्रैल 2029 8 तारीख़ें

  1. 22:53 से 05:46 (24 अप्रैल) तक

    मघा · शुक्ल दशमी

  2. 05:46 से 14:57 तक

    मघा · शुक्ल दशमी · शुक्ल एकादशी

  3. 12:50 से 16:12 तक

    उत्तरा फाल्गुनी · शुक्ल द्वादशी

  4. 12:16 से 05:44 (27 अप्रैल) तक

    हस्त · शुक्ल त्रयोदशी · शुक्ल चतुर्दशी

  5. 05:44 से 07:20 तक

    हस्त · शुक्ल चतुर्दशी

  6. 06:01 से 23:34 तक

    स्वाती · पूर्णिमा · कृष्ण प्रतिपदा

  7. 22:41 से 05:41 (30 अप्रैल) तक

    अनुराधा · कृष्ण द्वितीया

  8. 05:41 से 15:54 तक

    अनुराधा · कृष्ण द्वितीया · कृष्ण तृतीया

मई 2029 17 तारीख़ें

  1. 00:35 (2 मई) से 05:39 (2 मई) तक

    मूल · कृष्ण चतुर्थी · कृष्ण पंचमी

  2. 05:39 से 17:55 तक

    मूल · कृष्ण पंचमी

  3. 17:49 से 02:33 (4 मई) तक

    उत्तराषाढ़ा · कृष्ण षष्ठी

  4. 14:36 से 18:31 तक

    उत्तराषाढ़ा · कृष्ण सप्तमी

  5. 08:51 से 02:42 (11 मई) तक

    रेवती · कृष्ण द्वादशी · कृष्ण त्रयोदशी

  6. 12:00 से 05:29 (16 मई) तक

    रोहिणी · मृगशिरा · शुक्ल द्वितीया · शुक्ल तृतीया

  7. 05:29 से 21:03 तक

    मृगशिरा · शुक्ल तृतीया

  8. 20:47 से 00:38 (23 मई) तक

    उत्तरा फाल्गुनी · शुक्ल दशमी

  9. 21:21 से 02:43 (24 मई) तक

    हस्त · शुक्ल एकादशी

  10. 13:11 से 16:42 तक

    हस्त · शुक्ल द्वादशी

  11. 14:15 से 05:25 (26 मई) तक

    स्वाती · शुक्ल त्रयोदशी

  12. 05:25 से 10:09 तक

    स्वाती · शुक्ल त्रयोदशी · शुक्ल चतुर्दशी

  13. 13:39 से 05:24 (28 मई) तक

    अनुराधा · पूर्णिमा · कृष्ण प्रतिपदा

  14. 05:24 से 07:00 तक

    अनुराधा · कृष्ण प्रतिपदा

  15. 10:50 से 03:52 (30 मई) तक

    मूल · कृष्ण द्वितीया · कृष्ण तृतीया

  16. 03:13 (31 मई) से 05:24 (31 मई) तक

    उत्तराषाढ़ा · कृष्ण चतुर्थी

  17. 05:24 से 03:19 (1 जून) तक

    उत्तराषाढ़ा · कृष्ण चतुर्थी · कृष्ण पंचमी

जून 2029 14 तारीख़ें

  1. 10:31 से 05:23 (6 जून) तक

    उत्तरा भाद्रपदा · कृष्ण नवमी · कृष्ण दशमी

  2. 05:23 से 11:09 तक

    उत्तरा भाद्रपदा · कृष्ण दशमी

    00:21 (7 जून) से 05:22 (7 जून) तक

    रेवती · कृष्ण एकादशी

  3. 05:22 से 09:39 तक

    रेवती · कृष्ण एकादशी

  4. 10:17 से 12:27 तक

    मघा · शुक्ल षष्ठी

  5. 02:41 (19 जून) से 04:27 (19 जून) तक

    उत्तरा फाल्गुनी · शुक्ल सप्तमी

  6. 04:41 (20 जून) से 05:23 (20 जून) तक

    हस्त · शुक्ल नवमी

  7. 05:23 से 23:42 तक

    हस्त · शुक्ल नवमी

  8. 22:28 से 05:24 (22 जून) तक

    स्वाती · शुक्ल एकादशी

  9. 05:24 से 07:56 तक

    स्वाती · शुक्ल एकादशी

    18:35 से 20:01 तक

    स्वाती · शुक्ल द्वादशी

  10. 18:08 से 05:24 (24 जून) तक

    अनुराधा · शुक्ल त्रयोदशी

  11. 05:24 से 16:22 तक

    अनुराधा · शुक्ल त्रयोदशी · शुक्ल चतुर्दशी

  12. 21:51 से 05:25 (26 जून) तक

    मूल · पूर्णिमा

  13. 05:25 से 13:40 तक

    मूल · पूर्णिमा · कृष्ण प्रतिपदा

  14. 12:56 से 02:47 (28 जून) तक

    उत्तराषाढ़ा · कृष्ण द्वितीया

जुलाई 2029 5 तारीख़ें

  1. 21:19 से 05:27 (3 जुल॰) तक

    उत्तरा भाद्रपदा · कृष्ण सप्तमी

  2. 05:27 से 01:25 (4 जुल॰) तक

    उत्तरा भाद्रपदा · रेवती · कृष्ण सप्तमी · कृष्ण अष्टमी

  3. 04:26 (9 जुल॰) से 05:30 (9 जुल॰) तक

    रोहिणी · कृष्ण त्रयोदशी

  4. 05:30 से 21:23 तक

    रोहिणी · मृगशिरा · कृष्ण त्रयोदशी

  5. 16:16 से 19:30 तक

    मघा · शुक्ल तृतीया · शुक्ल चतुर्थी

अगस्त 2029

विवाह की कोई तारीख़ नहीं: सूर्य कर्क राशि में है · सूर्य सिंह राशि में है।

सितंबर 2029

विवाह की कोई तारीख़ नहीं: सूर्य सिंह राशि में है · सूर्य कन्या राशि में है।

अक्टूबर 2029

विवाह की कोई तारीख़ नहीं: सूर्य कन्या राशि में है · गुरु अस्त होने वाला है (गुरु वृद्धत्व, अस्त से पहले के तीन दिन) · गुरु तारा अस्त है।

नवंबर 2029 7 तारीख़ें

  1. 06:44 से 10:22 तक

    उत्तरा भाद्रपदा · शुक्ल एकादशी

  2. 12:53 से 04:17 (18 नव॰) तक

    रेवती · शुक्ल द्वादशी · शुक्ल त्रयोदशी

  3. 19:56 से 06:49 (22 नव॰) तक

    रोहिणी · कृष्ण प्रतिपदा

  4. 06:49 से 06:50 (23 नव॰) तक

    रोहिणी · मृगशिरा · कृष्ण प्रतिपदा · कृष्ण द्वितीया

  5. 06:50 से 01:05 (24 नव॰) तक

    मृगशिरा · कृष्ण द्वितीया · कृष्ण तृतीया

  6. 12:25 से 14:37 तक

    मघा · कृष्ण सप्तमी

  7. 10:10 से 01:53 (1 दिस॰) तक

    उत्तरा फाल्गुनी · कृष्ण नवमी · कृष्ण दशमी

दिसंबर 2029 6 तारीख़ें

  1. 12:40 से 02:16 (2 दिस॰) तक

    हस्त · कृष्ण एकादशी

  2. 23:56 से 06:58 (3 दिस॰) तक

    स्वाती · कृष्ण द्वादशी · कृष्ण त्रयोदशी

  3. 06:58 से 20:05 तक

    स्वाती · कृष्ण त्रयोदशी

  4. 09:37 से 23:20 तक

    उत्तराषाढ़ा · शुक्ल तृतीया · शुक्ल चतुर्थी

  5. 12:18 से 17:17 तक

    उत्तरा भाद्रपदा · शुक्ल नवमी

  6. 17:49 से 07:06 (15 दिस॰) तक

    रेवती · शुक्ल दशमी

जब विवाह नहीं होते

इनमें से हर एक जिस दिन को छूता है, उसे बंद कर देता है। जिस दिन इनका आरंभ या अंत पड़ता है, वह पूरा दिन बंद रहता है।

  • सूर्य धनु राशि में है (खरमास) 15 दिस॰ 2028, 22:41 से 14 जन॰, 09:27 तक
  • शुक्र तारा अस्त है 12 फ़र॰, 06:35 से 16 अप्रैल, 19:14 तक
  • सूर्य मीन राशि में है (खरमास) 14 मार्च, 19:24 से 14 अप्रैल, 03:54 तक
  • अधिक मास (मलमास) 15 मार्च, 09:49 से 14 अप्रैल, 03:10 तक
  • सूर्य कर्क, सिंह और कन्या राशि में है 16 जुल॰, 18:13 से 17 अक्टू॰, 14:25 तक
  • चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक 21 जुल॰, 02:13 से 15 नव॰, 21:20 तक
  • गुरु तारा अस्त है 18 अक्टू॰, 18:20 से 12 नव॰, 05:57 तक
  • सूर्य धनु राशि में है (खरमास) 16 दिस॰, 04:50 से 14 जन॰ 2030, 15:35 तक

तारीख़ के बाद: वर-वधू

ये तारीख़ें पंचांग शुद्धि पर खरी हैं — आकाश की परीक्षा, जो शहर के हर जोड़े के लिए एक ही है। दूसरा भाग वर-वधू का अपना है: उनकी कुंडलियों का मिलान (36 गुणों का गुण मिलान और मंगल दोष), और पंडित जी द्वारा विवाह के समय का लग्न चुनना (लग्न शुद्धि)।

दो कुंडलियाँ मिलाएँ

तारीख़ें कैसे चुनी जाती हैं

शुक्र या गुरु के अस्त रहने तक और उसके दोनों ओर तीन-तीन दिन; सूर्य के धनु या मीन (खरमास) अथवा कर्क, सिंह या कन्या राशि में रहने तक; अधिक मास में; और देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक चातुर्मास में — दिन बंद रहता है। शुक्र और गुरु तब तक अस्त माने जाते हैं जब तक वे सूर्य के इतने पास उदय या अस्त होते हैं कि शहर से दिखाई न दें।

खुले दिन का समय वह है जो विवाह के ग्यारह नक्षत्रों में से किसी में हो (रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद और रेवती — मघा, मूल और रेवती का गंडांत भाग छोड़कर), नौ अशुभ योगों से बाहर, और भद्रा तथा चार स्थिर करणों से बाहर। पाँच मिनट से छोटे समय छोड़ दिए जाते हैं। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद का समय पिछले दिन के नीचे, अपनी तारीख़ के साथ, लिखा है।

नई दिल्ली के लिए द्रिकपंचांग से 2026 और 2027 के हर दिन पर, और 2023 से 2027 तक शुक्र और गुरु के अस्त के समय पर जाँचा गया। इन दो वर्षों में सात दिनों पर हम जान-बूझकर अलग हैं: द्रिकपंचांग दिन के केवल पहले दो नक्षत्र और योग देखता है, हम हर एक देखते हैं, इसलिए जो समय वहाँ विष्कंभ या गंड योग में चला जाता है, वह यहाँ वहीं रुक जाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2029 में कितने विवाह मुहूर्त हैं?

Delhi के लिए 2029 में 68 दिन पंचांग शुद्धि पर खरे हैं — पहला शनिवार, 20 जनवरी 2029 को और अंतिम शुक्रवार, 14 दिसंबर 2029 को। हर एक ऊपर उसके समय के साथ दिया है।

खरमास और चातुर्मास में विवाह की तारीख़ें क्यों नहीं होतीं?

मुहूर्त ग्रंथ उन महीनों को बंद रखते हैं जिनमें सूर्य धनु और मीन राशि में रहता है (खरमास), और देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक के चार महीनों को (चातुर्मास)। देवउठनी एकादशी के बाद विवाह का मौसम फिर खुलता है।

शुक्र अस्त क्या है, और इसमें विवाह क्यों नहीं होते?

शुक्र तब अस्त होता है जब वह सूर्य के इतने पास होता है कि दिखाई नहीं देता। मुहूर्त चिंतामणि और धर्मसिंधु उस समय विवाह वर्जित करते हैं, और उसके अस्त होने से पहले तथा उदय के बाद के तीन-तीन दिनों में भी; गुरु के लिए भी यही नियम है। शुक्र अस्त: 11 फ़रवरी से 16 अप्रैल तक।

क्या इस सूची की कोई तारीख़ विवाह तय करने के लिए काफ़ी है?

यह पहला चरण है। यह सूची पंचांग शुद्धि है, और Delhi में सबके लिए एक ही है। परिवार वर-वधू की कुंडलियाँ भी मिलाते हैं और पंडित जी से विवाह के समय का लग्न चुनवाते हैं।